मदरसे से पढ़ कर भी आप कड़ी मेहनत और लगन से बन सकते हैं अच्छे डॉक्टर और कुशल इंजीनियर :- शहनाज़ हुसैन

सुना होगा अपने के मदरसे से कोई इंजीनियर नहीं निकलता न ही कोई डॉक्टर बन सकता है। मदरसे से डॉक्टर या अच्छा नागरिक बन पाने का तो सवाल ही नहीं उठता, यह एक गलत धारणा है जबकि ऐसा सोचने वालो की सोच को गलत साबित करते हुए शहनाज़ परवीन ने राज्य सरकार से मदरसों को बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। मदरसों को बंद करने वाली  राज्य सरकार की प्रकिरिया पर छात्रों ने कहा के इच्छा कोशिश लगन और कड़ी मेहनत से किसी भी संस्थान से अच्छे परिडाम प्राप्त किये जा सकते हैं।

मंगलवार को घोषित उच्च मदरसा शैक्षिक परीक्षा में शहनाज परवीन ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर इस्लामपुर का नाम रौशन किया है जबकि ऑल-कौचर मॉडल अकादमी, शोनीतपुर जिले के छात्र मुफककिर हसन (556) ने उच्च मदरसा की 2022 वर्ष की परीक्षा में असम में पहला स्थान हासिल किया है।

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जबकि दूसरे स्थान पर ढाकुवा हाई मदरसा बारपेटा की छात्रा चाडिका अहमद (550) और पिराधारा हाई मदरसा बंगाईगांव के छात्र मुस्ताक अहमद (550) को रैंक मिला देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब दौलतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के किसी छात्र ने हाई मदरसा एजुकेशनल परीक्षा पास की है।

सोना पुर 2 गाओं के रहने वाले अबू शाहिद और खुदीजा ज़मान की होनहार बेटी शहनाज़ परवीन कड़ी मेहनत और लगन से यह मुक़ाम हासिल किया है।

10 साल पहले पिता का देहांत हो गया था फिर भी माँ खुदीजा ज़मान ने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी हिम्मत और सब्र के साथ शहनाज़ की पढाई को सही दिशा में ले गयी ताकि वह अपने पिता की कमी महसूस न कर सके।

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शहनाज़ ने हाई मदरसा परीक्षा के परिणाम में कुल 549 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया  उनकी सफलता हमेशा के लिए साबित करती है कि इच्छाशक्ति के बिना कभी भी सफलता की कुंजी नहीं मिलेगी।

मंगलवार को घोषित हुए हाई स्कूल लीविंग परीक्षा के परिणाम में भी मुस्लिम समुदाय के 10 में से 6 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनायीं। इन छात्रों की सफलता ने पुरे बारपेटा ज़िले को गौरवान्वित किया है।

वही ज़ुबैर हसन ने मीडिया से बात करते हुए कहा के वो सामाजिक कार्यों की अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए डॉक्टर बनना चाहता है। आपको बता दे के ज़ुबैर ने पांचवें नंबर का स्थान प्राप्त किया।

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