मोहम्मद गुल्फामः शारीरिक बाधाओं से परे हासिल की 50 भाषाओं में महारत

अरिफुल इस्लाम / गुवाहाटी

रुचि हो तो दुनिया में सब कुछ सफलतापूर्वक किया जा सकता है. इसे एक प्रतिभाशाली युवक द्वारा सिद्ध किया गया है. युवक का नाम मोहम्मद गुल्फाम है. वह विशेष रूप से सक्षम है, हालांकि उसके कार्यों और सकारात्मक दृष्टिकोण ने दूसरों को कभी भी शारीरिक रूप से विकलांग महसूस करने की अनुमति नहीं दी है. उन्होंने दृढ़ इच्छा शक्ति से दुनिया की विभिन्न भाषाओं में महारत हासिल की है और इन भाषाओं को और अधिक सीखने की कोशिश जारी है.

शायद ही कभी कोई प्रतिभाशाली डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से दुनिया भर में 50 से अधिक भाषाएं बोल सकते हैं और लगभग 12 भाषाएं धाराप्रवाह बोल सकते हैं. बोरो, अरबी, फ्रेंच, जर्मन, अंग्रेजी, यूएस अंग्रेजी, कनाडाई अंग्रेजी, ब्रिटिश अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, नेपाली, भोजपुरी, मेथली, बंगाली और असमिया में विभिन्न बोली जाने वाली भाषाएं हैं.

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से, वह अंग्रेजी बोलने और कंप्यूटर पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रहे हैं. इसके अलावा, उन्होंने रंगिया में ग्लोबल नामक एक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है. यह टेली, डीटीपी, फोटोशॉप, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर आदि जैसे विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है. खुदरा प्रबंधन, प्रेरणा और वाणिज्य में कोचिंग भी प्रदान करता है.

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वाणिज्य में स्नातक करने के बाद एमबीए की डिग्री पूरी करने वाले गुल्फाम को ब्रिटिश काउंसिल का लाइसेंस भी मिला. इसी तरह वर्ष 2022 में गुल्फाम राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने में सफल रहे हैं. उनके प्रतिष्ठान ने सर्वश्रेष्ठ संस्थान 2022 का खिताब भी जीता.

गौरतलब है कि मोहम्मद गुल्फाम ने विभिन्न देशों की भाषाएं सीखने के लिए किसी देश की यात्रा नहीं की और न ही उन्होंने अपने किसी शिक्षक से विदेशी भाषाओं का ज्ञान प्राप्त किया. इंटरनेट का उपयोग करते हुए उन्होंने विभिन्न भाषाओं के साथ-साथ यूट्यूब और गूगल आदि जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से भाषाएं सीखी हैं.

लोग सीख सकते हैं, अगर उनके पास सीखने की मानसिकता है. वर्तमान युग सोशल मीडिया का युग है. हम यूट्यूब और गूगल से बहुत कुछ सीख सकते हैं. लोग इसके माध्यम से सब कुछ सीख सकते हैं. यूट्यूब गूगल मुफ्त में उपलब्ध सबसे आसान माध्यम है.

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मोहम्मद गुल्फाम वर्तमान में अपनी यात्रा के बारे में बात करते हैं, ‘‘मैं एक बहुत ही दयनीय घर में रह रहा था. मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी. सभी प्रकार की वित्तीय समस्याएं थीं. मैं बेलेगर के घर में काम कर रहा था. मैंने अध्ययन किया है और यह स्थान प्राप्त किया है.’’

मोहम्मद गुल्फाम, भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहते हैं, ‘‘मैं डिजिटल मीडिया के माध्यम से असम में अंग्रेजी भाषा की शिक्षा को मुफ्त में बढ़ावा देना चाहता हूं. हम सोशल मीडिया का उपयोग करके एक आर्थिक क्रांति लाना चाहते हैं. हम अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से विभिन्न जिलों में मुफ्त ट्यूशन देना चाहते हैं. मैं अंग्रेजी के प्रति असमिया छात्रों का डर को दूर करना चाहता हूं. साथ ही भविष्य में हम लगभग सभी छात्रों को मुफ्त ट्यूशन देंगे.’’

साभार: आवाज द वॉइस

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