मदरसों को निशाना बनाने पर रज़ा एकेडमी ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र

मुंबई: आल इंडिया सुन्नी जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना सैयद मोइनुद्दीन अशरफ और रज़ा एकेडमी के अध्यक्ष अल्हाज मौलाना सईद नूरी ने राष्ट्रपति को एक ईमेल भेजकर कहा है कि देश में राज्य सरकारों द्वारा मदरसों के सर्वेक्षण  की आड़ में मदरसों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। कई राज्यों असम, यूपी आदि में मदरसों को  तोड़ा जा रहा है। ये वे मदरसे जो सरकार से कोई मदद नहीं लेते।

उन्होने कहा कि मदरसे किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाए जाते हैं, बल्कि ये पूरे देश के लोगों के द्वारा मिलकर बनाए जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है तो वह किया जाना चाहिए।  लेकिन मदरसों को निशाना बनाना निंदनीय है। उन्होने कहा कि हमारी मांग है कि मदरसों को तोड़ने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

नूरी साहब ने आगे कहा कि मदरसों के छात्रों को भी वही सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए जो अन्य संस्थानों को दी जाती हैं। इसी तरह मदरसों के खिलाफ झूठा प्रचार करने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उसके पास कोई सबूत न हो। फिलहाल मदरसों के साथ-साथ मस्जिदों और दरगाहों को भी निशाना बनाया जा रहा है। क्या सरकार गारंटी दे सकती है कि दूसरे धर्मों की संस्थाओं में कोई कमी नहीं है?

उन्होने आगे कहा कि मदरसे सरकार के बोझ को हल्का करते हैं कि जिन बच्चों को सरकार से शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए थी, उन्हें मदरसों द्वारा शिक्षित किया जा रहा है। मदरसों के स्नातक देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक देश की अखंडता और विकास के लिए किसी से कम प्रयास नहीं कर रहे हैं। मुस्लिम आप द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, इसका पूरे देश को इंतजार रहेगा।

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