जानिए कौन है बहादुर कश्मीरी लड़की रुखसाना कौसर, जिस पर श्रद्धा कपूर बनाएंगी फिल्म!

ओनिका माहेश्वरी / नई दिल्ली

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) एक बार फिर बायोपिक में नजर आ सकती हैं. इस बार उन्होंने एक बहादुर कश्मीरी लड़की का किरदार चुना है. श्रद्धा कपूर इस बार रुखसाना कौसर (Rukhsana Kausar) का किरदार निभाएंगी, जिसने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी को मार डाला था.

दरअसल ‘फिल्म के निर्माता रुखसाना की भूमिका निभाने के लिए किसी ऐसी एक्ट्रेस को चाहते थे जो स्क्रीन पर 20 साल की उम्र की तरह दिखे. श्रद्धा इस रोल के लिए अच्छी रहेंगी और इसलिए उन्हें फिल्म में शामिल किया गया है. फिल्म में श्रद्धा की भूमिका पूरी तरह से अलग है जैसे उन्होंने अब तक की हैं.’

हालांकि श्रद्धा कपूर की तरफ से इस फिल्म को लेकर कोई ऑफिशियल अपडेट नहीं आया है.

कौन हैं आंतकी को मारने वाली रुखसाना कौसर

रुखसाना कौसर एक आम कश्मीरी लड़की हैं जो कश्मीर के रजौरी की रहने वाली हैं. 27 सितंबर 2009 की रात को कुछ आतंकी रुखसाना के घर में घुस गए थे. तब उन्होंने आतंकियों की AK-47 छीनकर कई आतंकियों को खदेड़ दिया था. यही नहीं उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया था. इसके बाद पूरे देश में रुखसाना की चर्चा होने लगी है.

रुखसाना का बचपन और कश्मीर का माहौल

साल 1989 था. हथियार लहराते हुए नौजवान शहर में निकलने लगे थे. इस स्याह दौर में राजौरी जिले के शहादरा शरीफ गांव में नूर हुसैन और राशिदा बेगम के घर एक बच्ची पैदा हुई. इसका नाम रखा गया रुखसाना कौसर. रुखसाना का मतलब होता है उज्जवल. उसकी चमक देखने को मिली 2009 में, जब रुखसाना 20 साल की हुई.

आतंकियों से भिड़ंत वाली रात

27 सितंबर 2009। रुखसाना अपने माता-पिता और भाई के साथ घर पर थी. उनके गांव से सटा एक जंगल था, जहां से खाने या ठहरने की फिराक में आतंकी आ जाया करते थे. रात को करीब 9.30 बजे थे. तीन आतंकियों ने नूर हुसैन के दरवाजे पर दस्तक दी.

नूर हुसैन ने दरवाजा नहीं खोला तो आतंकी खिड़की के रास्ते दाखिल होने लगे. इस दौरान राशिदा ने अपनी बेटी रुखसाना कौसर को छिपा दिया. आतंकियों ने रुखसाना को अपने हवाले करने की मांग की. पिता ने विरोध किया तो आतंकी राइफल के बट से उन्हें पीटने लगे.

रुखसाना को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे. एक तरफ उसे आतंकियों से डर लग रहा था दूसरी तरफ वो अपने पैरेंट्स और भाई को बचाने के लिए कुछ करना चाहती थी.

रुखसाना ने लड़ने का फैसला किया. संयोग से वहीं एक कुल्हाड़ी पड़ी थी. रुखसाना ने कुल्हाड़ी उठाई और एक आतंकी के सिर पर जोर से वार किया. वो वहीं गिर पड़ा. दूसरे आतंकी ने फायर झोंक दिया. तब तक घर के दूसरे लोग भी आतंकियों पर झपट पड़े.

रुखसाना ने वहीं पड़ी एके-47 उठाई और एक आतंकी पर चला दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई. ये देखकर दूसरे आतंकी भाग खड़े हुए. इसके बाद रुखसाना अपने परिवार के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची और हथियार सौंप दिया. बाद में पता चला कि मारा गया आतंकी लश्कर ए तैयबा का कमांडर अबु ओसामा था. रुखसाना की मां ने बताया कि इस आतंकी ने पहले भी उनकी बेटी को धमकाया था.

इससे 2 महीने पहले रुखसाना को अगवा कर ले गए थे आतंकी

इस घटना के बाद एक और खुलासा हुआ। 24 जुलाई 2009 को रुखसाना और उसकी चाची कुलजुम परी को ऐजाज समीर और कुछ साथी आतंकियों ने अगवा कर लिया। रुखसाना ने पुलिस पर केस दबाने का आरोप लगाया.

रुखसाना ने कहा कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने अगवा करने वाली बात से इनकार करने पर पैसे देने की बात कही थी। लेकिन बयान दर्ज होने के बाद कोई पैसे नहीं दिए गए। मेडिकल रिपोर्ट में भी रेप की बात कंफर्म नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने केस बंद कर दिया.

उस वक्त राजौरी के SSP शफकत वताली ने रुखसाना के अगवा होने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने इस घटना और बाद में आतंकियों के उसके घर आ धमकने के बीच किसी लिंक होने से भी इनकार नहीं किया. मां ने कहा कि आतंकी धमकी देते थे कि रुखसाना बाज आए.

आतंकियों से भिडंत के बाद बदल गई रुखसाना की जिंदगी

जब रुखसाना से पूछा गया कि उसे इतना बड़ा कदम उठाने की हिम्मत कहां से मिली? उसका जवाब था- जब आतंकी मेरे पिता को बुरी तरह पीट रहे थे, तो मैं उनकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकी। मैंने अपनी पूरी हिम्मत जुटाई और आतंकियों से लड़ने का फैसला किया.

रुखसाना की बहादुरी से हर कोई हैरान था। क्योंकि उसने अपनी जिंदगी में इससे पहले कभी बंदूक नहीं पकड़ी थई। राजौरी मस्जिद के मौलाना आमिर मोहम्मद शम्सी ने कहा कि रुखसाना ने जिहाद यानी धर्मयुद्ध किया है। जम्मू कश्मीर के गवर्नर नरिंद्र नाथ वोहरा ने रुखसाना को गैलेंट्री अवार्ड के लिए सिफारिश की.

रुखसाना के परिवार की सुरक्षा के लिए उनके घर पर स्पेशल पुलिस पोस्ट बनाई गई. उन्होंने केंद्र सरकार से दिल्ली में बसाने की रिक्वेस्ट भी की। घटना के करीब एक महीने बाद रुखसाना के घर पर अज्ञात लोगों ने रात को करीब 10.30 बजे ग्रेनेड से हमला किया और कई राउंड फायर भी किए. किसी फैमिली मेंबर को नुकसान नहीं पहुंचा क्योंकि तब तक सरकार ने परिवार को हाई सिक्योरिटी पुलिस कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया था.

25 जनवरी 2010 को रिपब्लिक डे की पूर्व संध्या को रुखसाना और उसके भाई एजाज को उनकी बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र दिया गया. उन्हें नेशनल ब्रेवरी अवार्ड, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, सरदार पटेल अवार्ड, रानी झांसी ब्रेवरी अवार्ड जैसे कई पुरस्कार मिले.

2013 में शादी की, अब तीन बेटियों के साथ खुशहाल जिंदगी

फिलहाल रुखसाना कौसर राजौरी में ही कॉन्सटेबल हैं. उन्होंने 2013 में कबीर हुसैन से शादी कर ली. उनके पति भी राजौरी में ही सब इंस्पेक्टर हैं। दोनों की तीन बेटियां हैं- मिस्बाह, सबा और सुमैरा. रुखसाना का कहना है कि ‘मैंने अपनी जिंदगी में कई चुनौतियों का मुकाबला किया, लेकिन उम्मीद करती हूं कि मेरी बेटियां ज्यादा सुरक्षित दुनिया में रहें. मैं उन्हें पढ़ा-लिखाकर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना चाहती हूं.’

राष्ट्रपति भी हो गई थीं उनकी मुरीद

इस घटना से पहले रुखसाना ने कभी बंदूक नहीं पकड़ी थी, लेकिन उस दिन उन्होंने बहादुरी की मिसाल कायम की थी. उस समय भारत की राष्ट्रपति रहीं प्रतिभा पाटिल से लेकर गृहमंत्री रहे पी चिदंबरम ने भी रुखसाना की बहादुरी की काफी तारीफ की थी.

रुखसाना को मिले थे तमाम अवॉर्ड

रुखसाना के इस साहस के लिए उन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार, कीर्ति चक्र, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, आस्था अवॉर्ड, सरदार पटेल अवॉर्ड, रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार सहित तमाम पदकों से नवाजा गया था.

फिल्म में श्रद्धा कपूर निभाएंगी रुखसाना कौसर का किरदार

रुखसाना कौसर की कहानी पर अब फिल्म भी बन रही है. इसमें रुखसाना का किरदार श्रद्धा कपूर निभाएंगी। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक मेकर्स ने एक्ट्रेस से बातचीत शुरू की है, लेकिन अभी तक इसको लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुई है. अगर सबकुछ सही रहता है यो तो श्रद्धा की दूसरी फिल्म होगी, जो रियल स्टोरी बेस्ड होगी। इससे पहले वो अंडरवर्ल्ड दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का किरदार निभा चुकी हैं.

साभार: आवाज द वॉइस

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