कश्मीर के मुफ़्ती बोले – अल्पसंख़्यको की हत्या गैर इस्लामिक, निर्दोष का खून बहाना गलत

कश्मीर के एक बड़े मुफ्ती नसीर-उल-इस्लाम ने कश्मीर में हो रही लगातार हत्याओं पर अपना दर्द व्यक्त किया है और कहा है कि हर हत्या निंदनीय और जघन्य अपराध है। मैं चाहता हूं कि लोग समझें कि हमें समुदायों के बीच भाईचारा बनाए रखना है। हमें शरारती तत्वों को अविश्वास का माहौल नहीं बनने देना चाहिए।

घाटी में हाल ही में आतंकवादियों द्वारा कि गयी हत्याओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, अल्पसंख्यक हमारे घरों में हमारे साथ रह सकते हैं। जुमे कि नमाज के दौरान पूरे कश्मीर में कई मस्जिदों से अल्पसंख्यकों का समर्थन करने का आह्वान किया गया था।

जैसा कि एक गुमनाम इमाम और जुमे कि नमाज़ में शामिल होने वाले तमाम मुसलमानों के बीच कि बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कश्मीरी मौलवी ने अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याओं की निंदा की और सभी सुनने वाले उनकी टिप्पणियों को इशारों को  तेज आवाज में स्वीकार कर रहे हैं।

मुफ्ती ने कहा जबकि मुसलमान कश्मीरी पंडितों की वापसी की मांग कर रहे थे, उन्हें नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि बहुसंख्यक मुसलमानों के साथ और सम्मान के साथ रहना चाहिए। मुफ्ती ने कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की बात कही। उन्हें (कश्मीरी पंडितों) को नहीं छोड़ना चाहिए।

हम पिछले 30 सालों से उनकी वापसी का शोक मना रहे हैं। अब वे लौट आए हैं और उन्हें हमारे साथ शांति और सम्मान से रहना चाहिए।

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