मेवात के बेटे ऑस्ट्रेलिया में चलाते हैं सात बिजनेस कॉलेज

यूनुस अल्वी / नूंह ( हरियाणा-राजस्थान )
योजना आयोग की लिस्ट में हरियाणा और राजस्थान का मेव मुस्लिम बहुल इलाका मेवात देश के अति पिछड़े क्षेत्रों में आता है. बावजूद इसके इस क्षेत्र के लोग अपने दम पर देश-विदेश में इलाके का परचम बुलंद किए हुए हैं. मेवात का एक परिवार ऐसा भी है जो ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा का अलख जगाए हुए है. स्कूल एवं कॉलेज का टोटा झेलने वाले मेवात के इस परिवार के लोग आस्ट्रेलिया में सात बिजनेस कॉलेज और एक बारहवीं तक का स्कूल चलाते हैं. 
बात पहले मेवात की
 
दरअसल, मेवात एक इलाका है. यह क्षेत्र हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के 6 जिलों की दो दर्जनों तहसीलों तक फैसला हुआ है. मेवाती इस इलाके की भाषा है. अपना खान-पान और संस्कृति है. मेवाती भाषा के अलावा यहां के लोग हिंदी, उर्दू, ब्रिज भाषा भी बोलते हैं. मेवात की 70 से 90 फीसदी आबादी मेव मुस्लिम की है.
शिक्षा और अन्य बुनियाद सुविधाओं के मामले में मेवात की गिनती देश के सबसे पिछड़े इलाकों में मोती है. शिक्षा और स्कूल-कॉलेज और यूनिवर्सिटी की संख्या के मामले में यह हरियाणा के सबसे निचले पायदान पर है. बोर्ड एग्जाम में पास का प्रतिशत भी सबसे बुरा है.
फिर भी आस्ट्रेलिया में जला रहे शिक्षा का दीपक
 
मेवात भले ही शिक्षा के क्षेत्र में देश में सबसे पिछड़ा माना जाता है, लेकिन एक मेवाती परिवार ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा की अलख जगाए हुए. यह परिवार ऑस्ट्रेलिया में सात बिजनेस कॉलेज और एक बारहवीं तक का स्कूल चलाता है.
इस परिवार का ऑस्ट्रेलिया के रियल एस्टेट बिजनेस में भी खासा दखल है. बताते हैं कि उनकी कंपनी द्वारा अस्ट्रेलिया में बनाए गए कई सड़कांे के नाम मेवात के शहरों के नाम से मिलते जुलते रखे गए हैं.इस परिवार का एक सदस्य राजस्थान के नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक है.
सीकरी के खान ब्रदर्स
 
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के छोटे से कस्बा सीकरी में जन्मे विधायक वाजिब अली के बडे. भाई इंताज खान की. विधायक वाजिब अली ने बताया कि वे तीन भाई हैं.
सबसे बड़े इंताज खान, उनसे छोटे सरताज खान और वह (वाजिब अली) सबसे छोटे हैं. उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई इंताज खान ने गांव के ही वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय सीकरी से बारहवीं और सरताज खां व वाजिब अली ने गांव के ही स्कूल से आठवीं की शिक्षा प्राप्त की है.
इंताज खान ने ऑस्ट्रेलिया से बीटेक, वाजिब अली और सरताज खां ने जामिया मीलिया से अपनी पढ़ाई मुकम्मल की है. इंताज खान और सरताज खां ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा और रियल एस्टेट का कारोबार कर रहे हैं, जबकि वाजिब अली फिलहाल जिला भरतपुर की नगर विधानसभा से विधायक रह कर मेवात की सेवा कर रहे हैं.
आस्ट्रेलिया गए तो वहीं के होकर रह गए
 
वाजिब अली के बडे भाई इंताज खान 1998 में ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा हासिल करने गए . वहीं से उन्होंने   2000 में बीटेक की पढ़ाई पूरी की. बीटेक के बाद उन्होंने प्राइवेट जाॅब किया. छोटे-मोटे बिजनेस में भी हाथ आजमाने लगे. सरताज खां ने एमबीए और वाजिब अली ने मास्टर इनफार्मेशन टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) की पढ़ाई भी आस्ट्रेलिया से ही की.
 वाजिब अली ने बताया कि तीनों भाईयों ने 2008 में मिलकर आस्ट्रेलिया में ऐजुकेशन बिजनेस की तरफ ध्यान दिया. उन्होंने   बताया कि उसके बाद  पीछे मुड़कर नहीं देखा.
आज ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबर्न और ब्रिसबेन शहरों में सात बिजनेस कॉलेज और एक बारहवीं का स्कूल चल रहे हैं. इसके अलावा मेलबर्न में उनका सबसे महंगा 9.5 मिलियन डॉलर का रिहायशी मकान बन रहा है. इंजात खां मेलबर्न के हरिसन वार्ड से काउंसर भी हैं.
मेवात के शिक्षा में पिछड़ने के जिम्मेदार मेवाती
 
वाजिब अली ने बताया कि मेवातियों को शिक्षा के लिए विदेशों में जाने का चलन नहीं है. ऐसा नहीं है कि मेवातियों के पास पैसा नहीं बल्कि उनकी सोच नहीं है.
उन्होंने कहा कि बिना लक्ष्य किसी मंजिल तक नहीं पहुंचा जा सकता. मेवात के शिक्षा में सबसे पीछे रहने के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए मेवात की जनता और राजनेता बराबर के जिम्मेदार हैं.
मेवात में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. राजनेताओं ने मेवात में न तो रोजगार उपलब्ध कराने का इंतजाम किया और ने ही शिक्षा पर खास ध्यान दिया. आज क्वालिटी एजुकेशन की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मेवात के लोग शिक्षा और रोजगार पर ज्यादा ध्यान देने की बजाए आपस में टांग खिंचाई पर ज्यादा जोर देते हैं.
दिखा रहे हैं मेवात के विकास में दिलचस्पी
   
वाजिब अली ने बताया कि इंताज खान और सरताज खान दोनों भाई ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा और रियल एस्टेट का काम देख रहे हैं, जबकि वह मेवात में रहकर यहां के लोगों की सेवा कर रहा हैं.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ मिलकर सीकरी में एक सरकार कॉलेज खुलवा दिया है. बहुत से स्कूलों को अपग्रेड कराया है. अपने विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे पर सरकारी खर्चे पर एक कट लगवाया है, जहां पर एक हजार बीघा में उद्योग स्थापित किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि जब तक मेवात के युवाओं को क्वालिटी ऐजुकेशन और बिजनेस ऐजुकेशन नहीं दी जाऐगी, तब तक मेवात के लोग आगे नहीं बढ़ सकते हैं.
साभार: आवाज द वॉइस

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