सऊदी अरब कुरान और इस्लामी कानून की खिलाफ वर्जी करने वाला पहला मुस्लिम मुल्क

मुंबई: सऊदी हुकूमत द्वारा खिंजीर के गोश्त को बेचने की इजाजत देने पर रज़ा एकेडमी ने सऊदी हुकूमत की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सऊदी अरब की सरकार खुलेआम कुरान की तालिमात की खिलाफ वर्जी कर रही है।

उलेमा ए अहले सुन्नत की बैठक को संबोधित करते हुए रज़ा एकेडमी के सरबराह अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने कहा कि सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने इस सबंध में आदेश जारी करने का ऐलान करने की बात कही है। ऐसे में अब इस्लामी उसूलों का कोई लिहाज पास नहीं रहने पाएगा। उन्होने कहा कि क्राउन प्रिंस यहूद और नसारा के इशारों पर ही अपने सारे मामलात जारी करेंगे।

उन्होने कहा कि जहां से दुनिया भर में इस्लाम का ज़हूर हुआ। जिहालत की तारीख़ी खत्म हुई और जुल्म व तशद्दुद का खात्मा हुआ। गुमराही के बादल छँटे। आज उसी मुक्कद्दस जमीन पर हर वो नाजायज और हराम काम करने की खुली इजाजत सऊदी सरकार के द्वारा दी जा रही है। जो खुद को हरमेन शरीफेन का संरक्षक बताती है।

नूरी साहब ने कहा कि खिंजीर का गोश्त इस्लाम में हराम करार दिया हुआ है। दौरे नबुवत से लेकर आज तक इस पर सख्ती से रोक जारी है। लेकिन बिन सलमान ने अपने आका अमेरिका और इस्राइल को खुश करने के लिए ये कदम उठाया है। वह हर उस काम को अंजाम दे रहा है। जिससे यहूद और नसारा खुश हो।

उन्होने कहा कि सऊदी क्राउन प्रिंस के शरीअत के खिलाफ ये फैसले गज़ब ए इलाही और कहर ए खुदावंदी को दावत दे रहे है। उन्होने कहा कि सऊदी हुकूमत के जवाल का वक्त करीब आ गया है। क्योंकि सऊदी हुक्मरान बेलगाम हो गए है। उनका चेहरा भी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। कभी ये शहर ए नबी में सिनेमा खोलने की बात करते है तो कभी शराब, फैशन शो, नाच गाना की इजाजत देते है। जो काबिल ए बर्दाश्त नहीं है।

वहीं मौलाना वली उल्लाह शरीफ़ी ने कहा कि दुनिया का मुसलमान मक्का और मदीना शरीफ में इस्लामी कानून के खिलाफ कोई हरकार बर्दाश्त नहीं करेगा। सऊदी हुकूमत को तत्काल शराब, खिंजीर के गोश्त, सिनेमा घर, फैशन शो से जुड़े फैसलों को वापस लेना चाहिए और इन पर रोक लगानी चाहिए।

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