रज़ा एकेडमी ने वसीम रिजवी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

दिलशाद नूर

नई दिल्ली/मुंबई: देश के प्रमुख सुन्नी सूफी संगठनों में से एक रज़ा एकेडमी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ कुरान के अपमान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने बताया कि पवित्र कुरान की 26 आयतों को आतंकवाद से जोड़ कर वसीम रिजवी ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है। यह गर्व की बात है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय सीम रिजवी को फटकार लगाते हुए न सिर्फ उसकी दलीलों को खारिज कर दिया बल्कि उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अब उसने पवित्र कुरान के पवित्र पन्नों को फाड़कर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश की है। जिस पर मुसलमानों ने धैर्य से काम लिया और धर्मत्यागी वसीम रिजवी को कानून का सहारा लेकर सजा की मांग की।

उन्होने बताया कि इससे पहले रज़ा एकेडमी द्वारा लखनऊ उच्च न्यायालय में याचिका फाइल की गई थी। पहली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय नेयह कहते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया कि यह जनहित में नहीं है और बिना क्रिमिनल नंबर लगाए दीवानी नंबर दे दिया।अब रज़ा एकेडमी लखनऊ उच्च न्यायालय आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। जहां वसीम रिजवी के फैसले को चुनौती दी गई। साथ ही मांग की गई कि देशभर में दर्जनों एफआईआर दर्ज होने के बावजूद यूपी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं लखनऊ उच्च न्यायालय ने भी इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जनहित का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

नूरी साहब ने आगे कहा कि जब लखनऊ उच्च न्यायालय ने हमारी याचिका खारिज कर दी तो सर्वोच्च न्यायालय में 7863/2021 संख्या के तहत एक विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। उन्होने कहा कि रजा एकेडमी के वकील ने प्रमुख सचिव यूपी सरकार, गृह सचिव, यूपी सरकार, पुलिस आयुक्त लखनऊ, उत्तर प्रदेश, थाना प्रभारी, पुलिस थाना चौक लखनऊ, स्टेशन अधिकारी मलिहाबाद लखनऊ, उत्तर प्रदेश को सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार बनाया। उन्होने कहा कि रजा एकेडमी ने सुप्रीम में अपनी शिकायत में कहा कि देश के मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद है कि उन्हे न्याय मिलेगा।

वहीं हजरत सैयद मोइन मियां साहिब ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पैगंबर ए इस्लाम और पवित्र कुरान का अपमान करने वाले वसीम रिजवी को निश्चित रूप से सज़ा देगी। उन्होने कहा कि उसने कुरान को बदलने के बहाने देश में आग लगाने की साजिश रची है और दुनिया भर के मुसलमानों के सम्मान और आस्था को चुनौती दी है। इस अत्याचारी को एक बार फिर से अपमानित कर सुप्रीम कोर्ट सबक सिखाएगा। उन्होने कहा कि वसीम रिजवी मौत की या आजीवन कारावास की सबसे कड़ी सजा सजा दी जानी चाहिए।

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