सीमा पर हो रहे जवान शहीद, रामदेव को चीन के साथ प्यारा है अपना धंधा?

आवेश तिवारी

इस तस्वीर को ध्यान से देखिए। यह चीन के हेबेई प्रोविंस के नेन्डगैंग के शहर की है। इस तस्वीर में जो चीनी दिखाई दे रहे हैं वो पीपुल्स आर्मी के रिटायर्ड अधिकारी हैं और नेन्डगैंग इंडस्ट्रियल कमेटी के एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी के सदस्य हैं। जो व्यक्ति बीच मे बैठा हुआ है उससे आप सब परिचित होंगे। जी हां यह परमढ़ोंगी बालकृष्ण है जो बनिया नम्बर एक रामदेव का चेला है।

दरअसल इस तस्वीर में दिख रहा दृश्य पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और नेन्डगैंग इंडस्टियल सोसाइटी के बीच हुए एमओयू का है जो कि 15 दिसंबर 2018 को हुआ। यानि कि मोदी सरकार आने के बाद। मेरी जानकारी है कि इस एमओयू में भारत के मौजूदा चीनी राजदूत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जा रहा है कि बाबा रामदेव और बालकृष्ण इस समझौते को अंजाम देने कई बार चीन गए। जो एमओयू हस्ताक्षरित हुए उसकी भी कॉपी हमारे पास है।

यह पोस्ट बाबा रामदेव और उन भक्तों के लिए लिखी है जो मेरे इनबॉक्स में आकर पिछले तीन दिनों से भद्दी भद्दी गालियां लिख रहे हैं। चूंकि मैं अपनी पेशेवर विवशता की वजह से गाली नही दे पा रहा (आती तो शायद सबसे ज्यादा है) लेकिन जवाब तो दिया जाएगा। इन चीन प्रेमी बाबाओं और नेताओं की पहले तहकीकात होनी चाहिए इनसे निपटने के बाद चीन से निपटना आसान होगा।

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