यूपी में वाकई जंगलराज कायम हो चुका, बिहार के दिन अब यूपी को नसीब हुए

कृशन कांत

यूपी में वाकई जंगलराज कायम हो चुका है. सुनते हैं कि बिहार में जब लालू यादव का शासन था, वहां पर अपहरण अघोषित उद्योग बन गया था. लग रहा है कि वही दिन अब यूपी को नसीब हुए हैं.

रविवार को फिर से गोरखपुर में एक बच्चे का अपहरण कर लिया गया. बदमाशों ने एक करोड़ की फिरौती मांगी. फिर बच्चे की हत्या कर दी.

गोरखपुर के पिपराइच में मिश्रौलिया टोला से दोपहर 12 बजे घर के बाहर खेल रहे छठवीं के बच्चे को बदमाश उठा ले गए. वे बाकायदा चार पहिया वाहन से आए और बच्चे को ले गए. इसके बाद तकरीबन तीन बजे बच्चे के पिता महाजन गुप्ता को फोन करके फिरौती मांगी. खबरों के अनुसान महाजन गुप्ता चौराहे पर पान की दुकान चलाते हैं.

इसके दो दिन पहले गोंडा में एक व्यवसायी के बेटे का अपहरण कर लिया गया था, हालांकि, वह बच्चा पुलिस ने हासिल कर लिया.

इसके पहले कानपुर में लैब असिस्टेंट संजीत यादव का अपहरण हुआ था, जिसमें पुलिस ने ही फिरौती की रकम भिजवाई और अंतत: उनकी हत्या कर दी गई.

उधर कानपुर देहात में 15 जुलाई को चौरा धर्मकांटा से बृजेश नाम के 25 वर्षीय युवक का अपहरण हुआ था. 20 लाख फिरौती मांगी गई है. पुलिस को अब तक इस मामले में कोई सुराग नहीं है.

इटावा से खबर आई है कि फ्रेंड्स कॉलोनी से आठ महीने पहले एक युवक शिवम का अपहरण हुआ था. लड़के का परिवार पिछले 8 महीने से अपने बेटे की राह देख रहा है. घटना 18 नवंबर, 2019 की है. उनसे फिरौती मांगी गई. पैसों के अभाव में परिवार फिरौती की रकम नहीं दे पाया और अपहर्ताओं ने बच्चे को नहीं छोड़ा. तब से यह परिवार इटावा, कानपुर, लखनऊ तक के अधिकारियों से लेकर सीएम योगी से भी गुहार लगा चुका है, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

आजतक ने 22 जुलाई को एक खबर छापी थी, जिसका शीर्षक है: ‘युवक का अपहरण कर मांगी 1 करोड़ की फिरौती, भाजपा नेता निकला किडनैपर’.

खबर के मुताबिक, यूपी के कानपुर देहात में एक भाजपा नेता ने अपने साथियों के साथ मिलकर एंटीक समान की टेस्टिंग करने वाले खंडवा के सुशील तिवारी का अपहरण कर लिया. अपहरण के बाद उसके घरवालों से 1 करोड़ की फिरौती भी मांगी और उसकी बेरहमी से पिटाई भी की. बाद में पुलिस ने अपहरण हुए व्यक्ति को सकुशल छुड़वा लिया और अपहरणकर्ताओं को जेल भेज दिया. ये मामला यूपी के कानपुर देहात, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र का है.

सुशील तिवारी पेशे से पंडिताई का काम करते हैं और साथ ही एंटीक समानों की परख करते हैं जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत होती है. मुख्य साजिशकर्ता सत्यम सिंह चौहान के पास से पुलिस ने एक सफेद रंग की टीयूवी कार भी बरामद की है जिसपर भाजपा जिला मंत्री भी लिखा है. साथ ही उस पर भाजपा का झंडा भी लगा है.

एक पखवाड़े के भीतर अपहरण की इतनी घटनाएं सामान्य बात नहीं है.

(सूचनाएं: अमर उजाला, आजतक, नवभारत टाइम्स, जागरण,)

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