गांव में एक भी नहीं मुसलमान, फिर भी पांचों मस्जिद में हिन्दू देते है अजान

बिहार के नालंदा जिले का माड़ी गांव के लोगों ने हिन्दू-मुस्लिम सद्भाव के बड़ी मिसाल पेश की है। दरअसल यह गांव हिन्दू बहुल है और यहां एक भी मुसलमान नहीं है। बावजूद यहां मस्जिद में पांचों वक्त अज़ान दी जाती है। साथ ही मज़ारों का भी ध्यान रखा जाता है।

इस गांव में लगभग 80 सालों से गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहा है, लेकिन मस्जिद की साफ-सफाई और अज़ान का पूरा ध्यान रखा जाता है। मस्जिद में गांव के लोग अज़ान का वक्त होते ही माइक पर पेन ड्राइव लगा देते है। जिससे रोज पांचों वक्त समय पर अज़ान होती है।

इतना ही नहीं गाँव में दरगाह भी है। जहां की सारी व्यवस्था भी हिन्दू समुदाय ही संभालता है। वे मंदिर, मस्जिद और दरगाह में कोई भेदभाव नहीं करते। त्यौहारों पर मंदिर के साथ ही मस्जिद और दरगाह पर मत्था टेकते है।

दरगाह के बारे में मान्यता है कि गांव में पहले हमेशा बाढ़ आती थी। इस दौरान एक मुस्लिम बुजुर्ग हज रत इस्माइल गांव आए थे। उनके आने के बाद गांव में कभी कोई तबाही नहीं आई। उनके निधन के बाद ग्रामीणों ने मस्जिद के पास ही उन्हें द’फना दिया।

1942 के सांप्र’दायिक दंगों के बाद सभी मुस्लिम परिवारों ने गांव छोड़ दिया और मस्जिद-दरगाह वीरान हो गए। ऐसे में अब उनकी देखभाल हिन्दू समुदाय ही कर रहा है।

गांव के जानकी पंडित आईएएनएस से कहते हैं, “मस्जिद में नियम के मुताबिक सुबह और शाम सफाई की जाती है, जिसका दायित्च यहीं के लोग निभाते हैं। गांव में कभी भी किसी परिवार के घर अशुभ होता है तब वह परिवार मजार की ओर ही दुआ मांगने पहुंचता है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here