ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर पुलिस कमिश्नर से मिला मुसलमानों का प्रतिनिधिमंडल

दिलशाद नूर

मुंबई| रजा अकादमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने मस्जिदों और दरगाहों को खोलने को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरना महामारी ने पूरे समाज को झकझोर कर के रख दिया है। इसे देश का हर नागरिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मस्जिदों और दरगाहों के खोलने के फैसले से मुस्लिम समुदाय में खुशी है। उन्होने कहा कि ये मुसलमानों की ये खुशी दुगुनी हो जाएगी यदि ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर अनुमति दे दी जाती है। इस सबंध में हजरत सैयद मोइन मियां साहिब के नेतृत्व में रेजा अकादमी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से मांग की।

हजरत सैयद मोइन मियां साहिब, हजरत सईद नूरी, विधायक अमीन पटेल और सरफराज आरजू साहिब सहित मुसलमानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई के पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और मस्जिदों और दरगाहों को खोलने पर खुशी व्यक्त की।

इस दौरान उहजरत सैयद मोइन मियां साहिब ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के जुलूस पूरे देश में आयोजित किए जाते हैं लेकिन मुंबई समेत महाराष्ट्र के जुलूस ऐतिहासिक हैं। इन जुलूसों का एक इतिहास है। आजादी से लगभग एक सदी पहले से यह जुलूस अपनी पूरी शानो शौकत के साथ निकाले जाते रहे है।

सरफराज आरजू ने कहा कि इन जुलूस का बहुत महत्व है। गांधी, नेहरू, मौलाना मुहम्मद अली जौहर आदि ने इन जुलूस में शामिल होकर आजादी के लिए संघर्ष जारी रखा। ईद मिलादुन्नबी की अपनी है पहचान है। जिसे बनाए रखना हमारी और आपकी संयुक्त जिम्मेदारी है।

दक्षिण मुंबई के विधायक अमीन पटेल ने जोर देकर कहा ईद मिलाद-उन-नबी मुसलमानों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है इस दिन सभी मुस्लिम क्षेत्रों में जुलूसों का आयोजन किया जाता है जैसे कि मुसलमानों के लिए ईद का समय होत है।

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