सिविल सोसाइटी युद्ध की एक नई सीमा: एनएसए अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सिविल सोसाइटी को युद्ध की एक नई सीमा करार दिया। जिसके बाद उन्हे आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक युद्ध “राजनीतिक या सै’न्य उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक प्रभावी साधन बनना बंद हो गए थे” क्योंकि वे “बहुत महंगे, अप्रभावी हैं और उनके परिणाम के बारे में अनिश्चितता है”।

डोभाल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में एक IPS पासिंग-आउट परेड में बोलते हुए कहा, “यह सिविल सोसाइटी है जिसे किसी राष्ट्र के हित को चोट पहुंचाने के लिए विकृत, अधीनस्थ, विभाजित और हेरफेर किया जा सकता है। आप यह देखने के लिए हैं कि यह भूमि पूरी तरह से सुरक्षित है।”

विश्व स्वतंत्रता कश्मीर आंदोलन के अध्यक्ष मुज़म्मिल अय्यूब ठाकुर ने कहा कि ये कथन आकस्मिक नहीं हैं। वे पूर्व नियोजित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से कहे गए हैं।

कार्यकर्ता रवि नायर ने टिप्पणी की, “केंद्र में आरएसएस की सरकार और उसके सहयोगी भारत में सड़कों पर यही कर रहे हैं।

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